आजादी के बाद से प्यासा हमीरपुर का उपरी गांव, पानी की किल्लत बनी अभिशाप; युवकों को नहीं मिल रहे रिश्ते

हमीरपुर।

आजादी के 79 वर्ष बाद भी हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील क्षेत्र का उपरी गांव पेयजल संकट से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को आज भी पीने के पानी के लिए कुओं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गांव में पानी की समस्या अब केवल बुनियादी सुविधा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका असर सामाजिक जीवन पर भी पड़ने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की किल्लत के कारण युवकों के विवाह प्रस्ताव तक प्रभावित हो रहे हैं।
करीब पांच हजार की आबादी वाले गांव में अधिकांश हैंडपंपों का पानी खारा अथवा मटमैला है। ग्रामीणों के अनुसार केवल दो कुएं ही ऐसे हैं जिनका पानी पीने योग्य है। ऐसे में महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन दूर-दराज से पानी लाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
ग्रामीणों को उम्मीद थी कि नमामि गंगे योजना के तहत उनकी समस्या दूर हो जाएगी। करीब तीन वर्ष पहले गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और घर-घर नल कनेक्शन भी दिए गए, लेकिन योजना अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। ग्रामीणों का आरोप है कि नलों में पानी की जगह अधिकतर हवा आती है और कई मोहल्लों तक पानी पहुंच ही नहीं पाता।
गांव निवासी देवी दयाल ने बताया कि कभी-कभार सप्ताह या महीने में एक बार पानी की आपूर्ति होती है, जबकि गांव के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाता। दिव्यांग घनश्याम ने कहा कि उनके घर के नल में वर्षों से पानी नहीं आया है। शारीरिक रूप से असमर्थ होने के कारण वह स्वयं कुएं से पानी भी नहीं ला सकते, जिससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीण आदर्श कुमार सिंह का कहना है कि पानी की टंकी में तकनीकी खामियां हैं और पर्याप्त जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि गांव की पानी की समस्या विवाह में भी बाधा बन रही है। उनके अनुसार, कई बार रिश्ता देखने आने वाले लोग गांव की स्थिति देखकर यह कहकर मना कर देते हैं कि उनकी बेटी कुएं से पानी भरने का काम नहीं करेगी।
गांव की वृद्ध महिला निमंतरा देवी ने बताया कि विवाह के बाद से लेकर आज तक उन्होंने पानी की समस्या को खत्म होते नहीं देखा। उन्होंने कहा कि कई बार पानी भरने के दौरान दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है और एक बार वह स्वयं कुएं में गिरते-गिरते बची थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई सरकारें आईं और चली गईं, लेकिन गांव की दशकों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र प्रभावी कदम उठाकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
एडीएम नमामि गंगे से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि थोड़ी पानी की समस्या है जिनके घर ऊंचाई वाले क्षेत्र में है और लोग कुएं से पानी नहीं भरते हैं, जो समस्या है उसको तत्काल प्रभाव से दूर कराया जाएगा और जिन कारणों से समस्या बनी है उसकी भी जांच कराई जाएगी।

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फोटो - कुएं से पानी निकलते ग्रामीण

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