फोटो - मृतक पुष्पेंद्र
फोटो - रोड पर जाम लगाए हुए ग्रामीण
हमीरपुर ज़िले की मौदहा कोतवाली क्षेत्र में 11 जनवरी को ऑटो रिक्शा और कार की आमने-सामने टक्कर हुई थी। इस हादसे में तीन घायलों में से एक युवक की शुक्रवार को कानपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। गुस्साए परिवार और ग्रामीणों ने शव को स्टेट हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस पर आरोपी कार चालक के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
यह हादसा 11 जनवरी को मौदहा–राठ स्टेट हाईवे पर रमना गांव के पास हुआ था। मौदहा की ओर से राठ जा रहे ऑटो रिक्शा की सामने से आ रही अर्टिगा कार से टक्कर हो गई थी। दुर्घटना में ऑटो सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इनमें चकदहा गांव निवासी 27 वर्षीय पुष्पेंद्र भी शामिल था, जिसकी हालत गंभीर होने पर उसे कानपुर रेफर किया गया था। शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शनिवार को जब पुष्पेंद्र का शव चकदहा गांव पहुंचा तो परिजनों और रिश्तेदारों में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। मृतक के भाई जीतेंद्र ने आरोप लगाया कि कार चालक बिगहना गांव का निवासी है और उसके खिलाफ तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि उल्टा उन्हें थाने से भगा दिया गया।
जाम की सूचना मिलते ही पुलिस बल और एसडीएम मौदहा करण वीर सिंह मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद प्रशासन ने आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोगों ने जाम समाप्त किया।
मृतक के पिता राजाराम मजदूरी करते हैं और उनके पास मात्र दो बीघा जमीन है। पुष्पेंद्र राज मिस्त्री का काम करता था और परिवार का मुख्य सहारा था। उसकी शादी सिर्फ एक साल पहले हुई थी और उसका एक छोटा बेटा भी है। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था। दुखद बात यह है कि उसकी बहन की शादी 4 फरवरी को होनी थी, लेकिन भाई की मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

