रिपोर्ट- ललित शर्मा ,बुन्देलखण्ड भास्कर
हमीरपुर में एचआईवी एड्स रोग लगातार बढता जा रहा है, पिछले तीन महीने में एक महिला सहित ग्यारह रोगी पाये जाने पर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिसमे नवयुवकों की संख्या सर्वाधिक बतायी गयी है। आईसीटीसी में सलाह लेने वाले मरीजो की संख्या लगातार बढती जा रही है। गैर प्रदेश में काम करने वाले लोग लगातार जिले में इस रोग को फैलाते जा रहे है।
जानकारी के अनुसार जिले में कम से कम तीन सौ एचआईवी पाजिटिव एड्स रोगियों का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है, इधर पिछले सालों से साल में एक या दो एड्स रोगी मिलते थे मगर जिले में माह जुलाई,अगस्त, सितम्बर में ग्यारह एड्स रोगी मिल जाने से स्वास्थ्य विभाग आश्चर्य में पड़ गया है। सितम्बर माह में केवल पांच एड्स रोगी पाये गये है। जिसमे कुरारा ब्लाक की एक महिला शामिल है, जो अपने आप में एक रिकार्ड है। जो रोगी उपचार ले रहे है उसमे सबसे ज्यादा लोग सुमेरपुर व मौदहा ब्लाक के बताये जाते है। जो नवयुवक मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र व अन्य प्रांतो में जाकर यह रोग लेकर वापस आते है। जिला अस्पताल के आईसीटीसी के प्रभारी डा. प्रशांत कुमार ने बताया कि केंद्र में जो लोग सदेह के आधार पर काउन्सिंगल के लिये आते है उनको उचित सलाह दी जाती है एड्स रोगियों को उपचार के साथ साथ घर में रहकर काम काज करने के लिये प्रेरित किया जाता है प्रभारी का कहना है कि इधर मरीजों में नवयुवकों की संख्या बढी है जो चिंता का विषय है, इसमे ज्यादातर लोग वाहन चालक व फैक्ट्रियों में काम करने वाले है। ये लोग सेक्स रैकेट के चक्कर में फंसकर घातक रोग के शिकार हो जाते है। पीडितों के समय समय पर काउन्सिंलग की जाती है। जबकि शासन के सख्त आदेश है कि रोड के किनारे खुले होटलो ढावों के वर्करों से जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर उनसे बातचीत कर एड्स जैसे रोग के बचने के लिये प्रेरित करे। मगर स्टाफ कम होने के कारण योजना सफल नहीं हो पा रही है।

