हमीरपुर : उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के तहत मंगलवार को पूरे जनपद में महर्षि बाल्मीकि जयंती का आयोजन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता के स्वरूप में बड़े ही भव्य और हर्षोल्लासपूर्ण माहौल में किया गया। सुबह से ही मंदिरों और देवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।जनपद के नगर निकायों में चयनित प्रमुख मंदिरों — बड़े देव बाबा मंदिर (हमीरपुर), बाल्मीकि मंदिर (कुरारा), तपोभूमि हनुमान मंदिर (सुमेरपुर), वाल्मीकि मंदिर (मौदहा), चौपड़ा मंदिर (राठ), नौराबली मंदिर (गोहाण्ड) और हनुमान मंदिर (हटवारा, सरीला) — में दीपदान, दीप प्रज्ज्वलन और बाल्मीकि रामायण के अखंड पाठ के साथ भजन-कीर्तन, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामचरित मानस पाठ हुए। धार्मिक मंत्रोच्चार और गायन से मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूब गया।विकासखंड स्तर की ग्राम पंचायतों में भी विशेष सजावट की गई। ग्राम पंचायत खण्डेह, लरौद, चकदहा, पिपरौदा, सिलौली, कपसा, किसवाही, सिजनौडा और बिहरका सहित दर्जनों गांवों के राम मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, माता मंदिर तथा बाल्मीकि मंदिरों की व्यापक साफ-सफाई के साथ रंगीन लाइट, फूल-मालाओं, ध्वज और साज सज्जा की गई। माइक व लाउडस्पीकर की व्यवस्था कर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से धार्मिक पाठ में भाग लिया।जयंती कार्यक्रमों में हर वर्ग के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए। महिलाओं और युवाओं के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों ने भी भजन-कीर्तन और रामायण पाठ में सहभागिता निभाई। पूरे जनपद में भक्ति, श्रद्धा और सांस्कृतिक समरसता का संदेश देते हुए यह आयोजन परंपरा और आस्था की मिसाल साबित हुआ।

