हमीरपुर जिले की मौदहा कोतवाली पुलिस ने अवैध संबंधों के चलते हुई एक हत्या का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को जेल भेज दिया है। हालांकि, पीड़ित पक्ष इस खुलासे से संतुष्ट नहीं है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस ने मुख्य आरोपियों को छोड़ दिया है, जबकि निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया है।
यह वारदात 4 नवंबर को मौदहा कोतवाली क्षेत्र के गहबरा गांव के पास हुई थी। यहां मौदहा कस्बे के रहने वाले 40 वर्षीय डीजे संचालक दयाराम का शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। मृतक की पत्नी ने इसे अवैध संबंधों के कारण हुई हत्या बताया था और चंद्रपाल कुशवाहा सहित अन्य पर हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस ने रविवार को इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपी भूरा और आकाश को जेल भेज दिया। थाना प्रभारी उमेश कुमार ने बताया कि घटना के दिन दयाराम एक युवती से मिलने गया था, जिससे भूरा भी मिलता था। आकाश ने इसकी जानकारी भूरा को दी। इसके बाद भूरा ने युवती के चाचा लालजी को बुलाया और तीनों ने मिलकर दयाराम को पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार, दयाराम को स्कूल के पास ले जाकर बेल्ट और डंडे से पीटा गया। इस दौरान मृतक के सिर और गुप्तांग में गहरी चोटें आईं। इसके बाद सभी आरोपी उसे छोड़कर भाग गए और दयाराम की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि भूरा और आकाश को जेल भेजा गया है, जबकि युवती के चाचा लालजी की तलाश जारी है।
मृतक की पत्नी तारा का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को जेल भेजा है, जबकि उसके पति को बुलाकर हत्या करने वाले युवती के पिता और भाई सहित अन्य परिजनों को निर्दोष छोड़ दिया गया है। तारा ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस सही आरोपियों को जेल नहीं भेजती है, तो वह आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएगी।
फोटो - मृतक दयाराम
फोटो - घटना स्थल पर जांच करती पुलिस

