हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में पिछले एक माह के भीतर लगातार छह हत्याओं ने पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ते अपराध ग्राफ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक दीक्षा शर्मा ने मौदहा कोतवाली प्रभारी इंस्पेक्टर उमेश कुमार को लाइन हाज़िर कर दिया है। उनकी जगह चिकासी थाना प्रभारी संतोष कुमार को मौदहा कोतवाली की कमान सौंपी गई है।
मृतक - कल्ली जिसकी गुरुवार को हत्या कर दी गई
27 अक्टूबर से शुरू हुआ हत्याओं का सिलसिला
- 27 अक्टूबर – रीवन गांव: महिला का जला हुआ शव
रीवन गांव के खेतों में गायत्री नाम की महिला का शव मिला था। पहचान छिपाने के लिए हत्यारोपियों ने चेहरे को जला दिया था। 11 दिन बाद पुलिस ने मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया था।
- 29 अक्टूबर – परछछ गांव: ऑनर किलिंग
प्रेम प्रसंग के कारण रवि नाम युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला ऑनर किलिंग के रूप में सामने आया।
- 2 नवंबर – कमहारिया गांव: पत्नी की हत्या
क्रूर पति मोइन ने सोते समय लोहे की रॉड से अपनी पत्नी रौशनी की हत्या कर दी और दो साल के बच्चे को शव के पास छोड़कर फरार हो गया।
- 4 नवंबर – मौदहा कस्बा: दयाराम की हत्या
गहबरा चौकी के पास दयाराम की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को जेल भेजा, लेकिन पीड़िता की पत्नी ने मुख्य आरोपियों को बचाने और गलत लोगों को जेल भेजने का आरोप लगाया था।
- 13 नवंबर – रमना गांव: हाईवे किनारे न्यूड शव
हाईवे किनारे एक महिला का नग्न शव मिला था। शिनाख्त उसके भाइयों द्वारा की गई। इस मामले में महोबा में तैनात एक सब इंस्पेक्टर और मृतका के पति पर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने जांच के बाद सब इंस्पेक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
- 20 नवंबर – करहीया गांव: चाची की कुल्हाड़ी से हत्या
ताज़ा घटना में धर्मेंद्र नाम के युवक ने अपनी चाची कल्ली पर दिनदहाड़े कुल्हाड़ी से कई वार कर हत्या कर दी और खून से सनी कुल्हाड़ी लहराते हुए फरार हो गया। इससे पहले कि पुलिस आरोपी तक पहुँचती, एसपी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोतवाली प्रभारी को हटा दिया।

