हमीरपुर ज़िले में ई-रिक्शों का अनियंत्रित संचालन लगातार सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। हाईवे हो या कस्बाई सड़कें—अक्सर ये रिक्शे क्षमता से कई गुना अधिक सवारियां लादकर चलते नजर आते हैं, लेकिन इन पर कार्रवाई करने वाला कोई जिम्मेदार विभाग सक्रिय नहीं दिखता।
इसी लापरवाही की झलक एक वायरल वीडियो में देखने को मिली, जिसमें एक 4-सीटर ई-रिक्शा में 18 लोग ठूंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि रिक्शे में अंदर जगह न होने पर 6 बच्चे बाहर लटके हुए थे, जबकि वाहन तेज रफ्तार से मौदहा– कम्हरिया हाईवे पर दौड़ रहा था।
वीडियो के अनुसार, यह घटना बीती रात की है। जानकारी के मुताबिक, मौदहा से कमहारिया जाने के लिए यह ई-रिक्शा बुक किया गया था। सवारियों में बच्चों सहित कई लोग शामिल थे, और अधिकांश क्षमता से कहीं अधिक संख्या में बैठे या बाहर लटके थे।
कार सवार एक राहगीर की नज़र जब इस खतरनाक तरीके से भरे ई-रिक्शे पर पड़ी तो उसने पहले चलते वाहन का वीडियो बनाया और फिर उसे रोककर पूछताछ की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि रिक्शे में कुल 18 सवारियां थीं, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
गौरतलब है कि इसी मार्ग पर स्थित बड़ा चौराहा पर हमेशा पुलिस पिकेट और ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी रहती है, जिनकी जिम्मेदारी ऐसे वाहन रोकना और कार्रवाई करना है। लेकिन इस वीडियो ने साफ कर दिया कि क्षमता से कई गुना ज्यादा सवारियां भरकर हाईवे पर दौड़ रहे ई-रिक्शे भी उनकी नज़रों से बच निकलते हैं।

