हमीरपुर जिले के कुरारा थाना क्षेत्र अंतर्गत हरौलीपुर पुलिस चौकी टीम पर जानलेवा हमले के मामले में भीड़ को उकसाने वाले मुख्य आरोपी दुर्गा उर्फ दुर्गाचरन निषाद को पुलिस ने बुधवार शाम मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आरोपी ने हमले के दौरान कांस्टेबल आशीष मौर्या को दौड़ाकर पकड़ लिया था और उसकी छाती पर सवार होकर बेरहमी से पिटाई की थी। इतना ही नहीं, उसने चौकी इंचार्ज राजेंद्र प्रसाद सिंह की 9 एमएम सर्विस पिस्टल मैगजीन सहित छीन ली थी और फरार हो गया था।
कोर्ट में सरेंडर की थी तैयारी
गिरफ्तारी से बचने के लिए दुर्गा निषाद ने फरारी के दौरान सीजेएम कोर्ट में सरेंडर अर्जी भी दाखिल की थी, जिस पर 15 दिसंबर को सुनवाई प्रस्तावित थी। पुलिस को इसकी भनक लगते ही टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं।
अकौना मोड़ के पास हुई मुठभेड़
सीओ सदर राजेश कमल के अनुसार, बुधवार को दुर्गा निषाद मिश्रीपुर के अकौना मोड़ के पास देखा गया। पुलिस टीम को देखते ही उसने फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के पास गोली लगी।
मुठभेड़ के बाद आरोपी के कब्जे से चौकी इंचार्ज की 9 एमएम सर्विस पिस्टल मैगजीन सहित 9 जिंदा कारतूस एक खोखा बरामद किया गया है।
18 आरोपी अब तक गिरफ्तार
गौरतलब है कि यह घटना 2 दिसंबर को उमराहट गांव के मजरा पुरवा (केवटन डेरा) में हुई थी, जब पुलिस दो भाइयों सुरेश और दुर्गेश की गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी। उसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया था। इस मामले में अब तक 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस हमले में आरोपी की पत्नी श्यामकली की भी भूमिका सामने आई थी, जिसने कांस्टेबल के हाथ-पैर बांधे थे। उसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

