हमीरपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना नमामि गंगे और ग्रामीण क्षेत्र में नल के माध्यम से हर घर में शुद्ध जल पहुंचाने के उद्देश्य से चलाई गई हर घर नल योजना एक गांव में पूरी तरह से धराशायी हो गई और खुली टंकी की सफाई नहीं होने से लोगों के घरों में विषैला पानी पहुंच रहा है जिससे कभी भी गांव में बडी बीमारी फैल सकती हैं।
सरकार द्वारा हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के भमौरा गांव में नमामि गंगे के तहत पानी की टंकी बनवाई गई थी जिसके बाद हर घर नल योजना के तहत सभी घरों में शुद्ध पानी पहुंचाने के उद्देश्य से पाइप लाईन डालकर सभी घरों में नलों के कनेक्शन दिए गए। लेकिन जहां आधे गांव में पानी नही पहुंच रहा है तो वहीं आधे गांव में विषैला पानी पहुंच रहा है। गांव के अशोक धुरिया, विनोद धुरिया,मनोज धुरिया, कबीर उददीन सजीवन वर्मा, मलखान बाल्मीकि, जियालाल बाल्मीकि,विशाल श्रीवास, छोटे श्रीवास,सुखनंदन श्रीवास, बंदना प्रजापति और लालू यादव सहित अन्य लोगों के घरों और दलित बस्ती में पानी नहीं पहूँच रहा है।तो वहीं टंकी में ढक्कन नहीं होने और स्लेब फटी होने से पक्षी, चमगादड़ सहित अन्य छोटे जहरीले कीडे टंकी के पानी में गिरकर मर जाते है जिससे न केवल पानी से गंध आती है बल्कि पाईप लाईन भी चोक हो जाने से पानी की सप्लाई बाधित हो जाती है जबकि कई बार पाईप लाईन को काटना पडा है तब इन पक्षियों के कंकाल पाईप लाईन में फंसे मिले है इतना ही नहीं यदि टंकी की ब्लीडिंग पाउडर या अन्य कीटनाशक दवा डालकर सफाई नहीं कराई गई तो भविष्य में गांव में बडी महामारी फैल सकती है।गांव के नसीम, बाबू, निहाल,अरमान और जलाल आदि ने टंकी की सफाई ब्लीडिंग पाउडर डालकर कराने और ढक्कन बंद करने की मांग की है।
नमामि गंगे परियोजना और हर घर नल योजना के तहत करोडों खर्च के बाद भी नहीं मिल रहा पानी

