हमीरपुर ज़िले में इन दिनों गांव-गांव में मेलों का दौर चल रहा है। लेकिन मेला देखने की उत्सुकता लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर सफर कर रहे हैं।
फ़ोटो - ट्रैक्टर- ट्रॉली में यात्रा करते लोग
सरकार द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवारी ढोने पर सख्त रोक लगाए जाने के बावजूद, सुमेरपुर क्षेत्र में एनएच-34 पर ऐसी कई तस्वीरें कैमरे में कैद हुई हैं, जहां मेले में जाने वाले लोग ट्रैक्टरों में बैठे दिखाई दे रहे हैं। यह वही नेशनल हाईवे है जिस पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।
सवाल यह है कि क्या ट्रैफिक पुलिस को यह ट्रैक्टर सवारियां भरकर दौड़ते दिखाई नहीं दे रहे हैं, या फिर पुलिस किसी बड़े हादसे के इंतज़ार में है?
यातायात नियमों के मुताबिक, ट्रैक्टर केवल कृषि कार्यों के लिए मान्य हैं — लेकिन हमीरपुर में इन दिनों इनका इस्तेमाल खुलेआम सार्वजनिक सवारी ढोने में किया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि किसी अनहोनी से पहले ही सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

