हमीरपुर ज़िले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में 13 नवंबर को सड़क किनारे मिली अज्ञात महिला की हत्या का खुलासा भले ही पुलिस ने कर दिया हो, लेकिन इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने का रास्ता खुद आरोपी सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव ने ही खोल दिया था।
फोटो- आरोपी दरोगा अंकित यादव
फोटो- मृतक किरन
दरअसल मृतका की तलाश कर रहे भाइयों को आरोपी दरोगा ने ही फोन कर बताया था कि मौदहा क्षेत्र में एक महिला का शव मिला है, जो उनकी बहन हो सकती है। सूचना मिलने के बाद मृतका के दोनों भाई मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की।
महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र के मकरबई गांव की रहने वाली मृतका किरन के भाई राजेश कुमार ने बताया कि 12 नवंबर को पिता की तबियत बिगड़ जाने के कारण वह दोनों भाई उन्हें लेकर कानपुर चले गए थे। उस समय किरन घर पर अकेली थी। जब उन्होंने बहन से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ आया।
14 नवंबर को जब वे कानपुर से लौटकर आए तो बहन का कोई पता नहीं चला। भाइयों को पता था कि उनकी बहन की अंकित से बातचीत होती रहती है। इसलिए छोटे भाई सतीश ने सब-इंस्पेक्टर अंकित यादव को फोन कर बहन के बारे में पूछा, लेकिन उसने जानकारी से साफ मना कर दिया।
राजेश के अनुसार थोड़ी देर बाद खुद अंकित यादव ने फोन कर कहा "मौदहा में एक महिला की लाश मिली है, जाकर देखो, शायद वही हो।" इसके बाद दोनों भाई हमीरपुर पहुंचे और मोर्चरी में रखे शव को देखकर अपनी बहन की पहचान की। भाई बोले— बहन की हत्या अंकित दरोगा और बहनोई ने मिलकर की
मृतका के भाई राजेश और सतीश का आरोप है कि उनकी बहन की हत्या करने वाला अंकित यादव ही है। उनका दावा है कि दरोगा की किरन के बहनोई विनोद कुमार से सांठगांठ थी। सतीश ने बताया कि उनकी बहन और बहनोई के बीच दहेज उत्पीड़न का मुकदमा चल रहा था। 12 नवंबर को किरन कोर्ट गई थी, तभी रास्ते से उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई।

