हमीरपुर से होकर गुजरने वाले कानपुर-सागर नेशनल हाईवे-34 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर गुरुवार को सर्वदलीय राजनीतिक दलों और गैर राजनीतिक संगठनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में उस समय आक्रोश और बढ़ गया जब जिलाधिकारी ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया। इसके बाद डीएम कार्यालय के बाहर ही धरना शुरू हो गया और प्रदर्शनकारी नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी डीएम को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर भारी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं।
फोटो - डीएम ऑफिस के सामने प्रदर्शन करते लोग
हमीरपुर में कानपुर-सागर हाईवे पर आए दिन हो रहे सड़क हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। इसी को लेकर हाईवे के चौड़ीकरण और डिवाइडर निर्माण की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन शुरू किया है। पिछले तीन दिनों से सुमेरपुर, इंगोहटा और मौदहा क्षेत्र में लगातार बैठकों का दौर चल रहा था।
गुरुवार को सभी दलों और संगठनों के प्रतिनिधि डीएम को ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष से जुड़े बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी जिलाधिकारी से सीधे वार्ता करना चाहते थे, लेकिन डीएम ने व्यक्तिगत रूप से मिलने से मना कर दिया। हालांकि एसडीएम और एडीएम स्तर के अधिकारी प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत करते रहे, लेकिन लोग इससे संतुष्ट नहीं हुए।
डीएम के नहीं मिलने पर प्रदर्शनकारी डीएम कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। भीषण गर्मी के बावजूद प्रदर्शन जारी है। “डीएम साहब बाहर आओ” और “तानाशाही नहीं चलेगी” जैसे नारों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा।

